Bahan Bhaiyon Ke Sath Husne Sulook

Book Name:Bahan Bhaiyon Ke Sath Husne Sulook

(या'नी उलट) कीजिये या'नी उल्टी त़रफ़ से शुरूअ़ कीजिये । ٭ मर्द मर्दाना और औरत ज़नाना ही लिबास पहने । छोटे बच्चों और बच्चियों में भी इस बात का लिह़ाज़ रखिये । ٭ तकब्बुर के त़ौर पर जो लिबास हो, वोह ममनूअ़ है । तकब्बुर है या नहीं इस की शनाख़्त यूं करे कि इन कपड़ों के पहनने से पहले अपनी जो ह़ालत पाता था, अगर पहनने के बा'द भी वोही ह़ालत है, तो मा'लूम हुवा कि इन कपड़ों से तकब्बुर पैदा नहीं हुवा, अगर वोह ह़ालत अब बाक़ी नहीं रही, तो तकब्बुर आ गया, लिहाज़ा ऐसे कपड़े से बचे कि तकब्बुर बहुत बुरी सिफ़त है । (बहारे शरीअ़त, जि. 3, स. 409, رَدُّالْمُحتارج ۹ ص ۵۷۹)

صَلُّوْا عَلَی الْحَبِیْب!                                صَلَّی اللّٰہُ تَعَالٰی عَلٰی مُحَمَّد

दा'वते इस्लामी के हफ़्तावार

सुन्नतों भरे इजतिमाअ़ में पढ़े जाने वाले

6 दुरूदे पाक और 2 दुआएं

{1} शबे जुमुआ का दुरूद :

اَللّٰہُمَّ صَلِّ وَسَلِّمْ وَبَارِکْ عَلٰی سَیِّدِنَامُحَمَّدِنِ النَّبِیِّ الْاُمِّیِّ الْحَبِیْبِ الْعَالِی الْقَدْرِالْعَظِیْمِ

وَعَلٰی  اٰلِہٖ وَصَحْبِہٖ وَسَلِّمْ   الْجَاہِ

        बुज़ुर्गों ने फ़रमाया कि जो शख़्स हर शबे जुमुआ (जुमुआ और जुमा'रात की दरमियानी रात) इस दुरूद शरीफ़ को पाबन्दी से कम अज़ कम एक मरतबा पढे़गा, तो मौत के वक़्त सरकारे मदीना صَلَّی اللّٰہُ تَعَالٰی عَلَیْہِ واٰلِہٖ وَسَلَّمَ की ज़ियारत करेगा और क़ब्र में दाख़िल होते वक़्त भी यहां तक कि वोह देखेगा कि सरकारे मदीना صَلَّی اللّٰہُ تَعَالٰی عَلَیْہِ واٰلِہٖ وَسَلَّمَ उसे क़ब्र में अपने रह़मत भरे हाथों से उतार रहे हैं । (اَفْضَلُ الصَّلَوات عَلٰی سَیِّدِ السّادات ص١٥١ملخصًا)                  

{2} तमाम गुनाह मुआफ़ :

اَللّٰہُمَّ صَلِّ عَلٰی سَیِّدِ نَا وَمَوْلَانَا مُحَمَّدٍ وَّعَلٰی اٰلِہٖ وَسَلِّمْ

        ह़ज़रते सय्यिदुना अनस رَضِیَ اللّٰہُ تَعَالٰی عَنْہ से रिवायत है कि ताजदारे मदीना صَلَّی اللّٰہُ تَعَالٰی عَلَیْہِ واٰلِہٖ وَسَلَّمَ ने फ़रमाया : जो शख़्स येह दुरूदे पाक पढ़े, अगर खड़ा