Book Name:Faizan e Imam Bukhari
सिरात़ुल जिनान, मदनी दर्स (दर्से फै़ज़ाने सुन्नत 4 सफ़ह़ात) और आख़िर में शजरए क़ादिरिय्या रज़विय्या ज़ियाइय्या अ़त़्त़ारिय्या भी पढ़ा और सुना जाता है, इस के बा'द शजरे के कुछ न कुछ अवरादो वज़ाइफ़ और इशराक़ व चाश्त के नवाफ़िल पढ़ने की भी तरकीब होती है ।
12 मदनी कामों में यौमिया इस मदनी काम "बा'दे फ़ज्र मदनी ह़ल्क़ा" की तफ़्सीली मा'लूमात जानने के लिये मक्तबतुल मदीना के रिसाले "बा'दे फ़ज्र मदनी ह़ल्क़ा" का मुत़ालआ़ कीजिये । तमाम इस्लामी भाई इस रिसाले का लाज़िमी मुत़ालआ़ फ़रमाएं । येह रिसाला मक्तबतुल मदीना के बस्ते पर दस्तयाब होने के साथ साथ दा'वते इस्लामी की वेबसाइट www.dawateislami.net से भी पढ़ा जा सकता है ।
इस रिसाले की बरकत से आप जान सकेंगे : ٭ बा'दे फ़ज्र मदनी ह़ल्क़ा किसे कहते हैं ? ٭ मदनी ह़ल्क़ा लगाने का त़रीक़ा । ٭ अस्लाफ़ के मदनी ह़ल्के़ । ٭ मदनी ह़ल्के़ के मा'मूलात की वज़ाह़त । ٭ फै़ज़ाने सुन्नत के बारे में मुफ़ीद बातें । ٭ शजरह शरीफ़ पढ़ने की बरकतें । ٭ दुआ़ के फ़वाइद । ٭ इशराक़ व चाश्त की बरकतें । ٭ मदनी ह़ल्क़ा लगाने के फ़वाइद और ٭ मदनी ह़ल्क़ा लगाने की चन्द एह़तियात़ें वग़ैरा ।
٭ اَلْحَمْدُ لِلّٰہ ! बा'दे फ़ज्र मदनी ह़ल्के़ की बरकत से मस्जिद में बैठने का सवाब ह़ासिल होता है । ٭ बा'दे फ़ज्र मदनी ह़ल्के़ की बरकत से तिलावते क़ुरआन करने और सुनने का शरफ़ ह़ासिल होता है । ٭ बा'दे फ़ज्र मदनी ह़ल्क़ा क़ुरआने करीम को तर्जमा व तफ़्सीर के साथ समझने का बेहतरीन ज़रीआ़ है । ٭ बा'दे फ़ज्र मदनी ह़ल्के़ की बरकत से मदनी इनआ़मात पर अ़मल होता है । ٭ बा'दे फ़ज्र मदनी ह़ल्के़ की बरकत से इशराक़ व चाश्त के नवाफ़िल पढ़ने का मौक़अ़ मिलता है । ٭ बा'दे फ़ज्र मदनी ह़ल्के़ में बुज़ुर्गाने दीन رَحْمَۃُ اللّٰہ عَلَیْہِم اَجْمَعِیْن के ज़िक्रे ख़ैर पर मुश्तमिल शजरह शरीफ़ पढ़ने, सुनने का शरफ़ ह़ासिल होता है और बुज़ुर्गाने दीन رَحْمَۃُ اللّٰہ عَلَیْہِم اَجْمَعِیْن का तज़किरा करना बाइ़से रह़मत है । चुनान्चे,
ह़ज़रते सय्यिदुना सुफ़्यान बिन उ़यैना رَحْمَۃُ اللّٰہ عَلَیْہ फ़रमाते हैं : नेक लोगों के ज़िक्र के वक़्त रह़मत नाज़िल होती है । (حِلْیَۃُ الْاَوْلِیَاء، ۷ / ۳۳۵، رقم:۱۰۷۵۰) लिहाज़ा आप भी इस मदनी माह़ोल से वाबस्ता रहिये और "बा'दे फ़ज्र मदनी ह़ल्के़" में शिर्कत कर के इस की बरकतें लूटने वालों में शामिल हो जाइये । आइये ! आ़शिक़ाने रसूल की मदनी तह़रीक दा'वते इस्लामी के मदनी माह़ोल से वाबस्तगी की एक ईमान अफ़रोज़ मदनी बहार सुनिये । चुनान्चे,
बुलन्द आवाज़ से कलिमए त़य्यिबा पढ़ना शुरूअ़ कर दिया
बाबुल इस्लाम के एक मुबल्लिग़े दा'वते इस्लामी, आ़शिक़ाने रसूल की मदनी तह़रीक दा'वते इस्लामी के मदनी माह़ोल से वाबस्तगी से पहले बहुत ज़ियादा मॉडर्न थे, ख़ुश नसीबी से उन्हें आ़शिक़ाने रसूल की मदनी तह़रीक दा'वते इस्लामी का मदनी माह़ोल नसीब हो गया, सुन्नतों पर अ़मल करने वाले आ़शिक़ाने रसूल की सोह़बत और शैख़े त़रीक़त, अमीरे अहले सुन्नत دَامَتْ بَرْکَاتُھُمُ الْعَالِیَہ की तरबिय्यत की बरकत से नेकी की दा'वत