Faizan e Sahaba O Ahle Bait

Book Name:Faizan e Sahaba O Ahle Bait

हस्तियां हैं जिन्हों ने सब से पहले इस्लाम क़बूल किया । ٭ येह वोह मुबारक हस्तियां हैं जिन्हों ने सब से पहले रसूले अकरम صَلَّی اللّٰہُ عَلَیْہِ واٰلِہٖ وَسَلَّمَ की दावत पर लब्बैक कहा । ٭ येह वोह मुबारक हस्तियां हैं जिन्हों ने रह़मते आ़लम صَلَّی اللّٰہُ عَلَیْہِ واٰلِہٖ وَسَلَّمَ का दीदार किया और आप صَلَّی اللّٰہُ عَلَیْہِ واٰلِہٖ وَسَلَّمَ के मोजिज़ात को अपनी आंखों से देखा । ٭ येह वोह मुबारक हस्तियां हैं जो उम्मत में सब से अफ़्ज़लो आला हैं । ٭ येह वोह मुबारक हस्तियां हैं कि अह़ादीसे त़य्यिबा में इन की शानें बयान हुई हैं । ٭ येह वोह मुबारक हस्तियां हैं जिन्हें रसूले करीम صَلَّی اللّٰہُ عَلَیْہِ واٰلِہٖ وَسَلَّمَ की सोह़बत के लिये चुना गया । ٭ येह वोह मुबारक हस्तियां हैं जिन्हें सब से पहले तब्लीग़े इस्लाम की सआ़दत मिली । ٭ येह वोह मुबारक हस्तियां हैं जिन्हों ने दीने इस्लाम के पैग़ाम को आ़म करने के लिये ज़ुल्मो सितम बरदाश्त किये । ٭ येह वोह मुबारक हस्तियां हैं जिन की मुसल्सल कोशिशों से परचमे इस्लाम पूरी दुन्या में बुलन्द हो गया । ٭ येह वोह मुबारक हस्तियां हैं जिन्हों ने दीने इस्लाम की तब्लीग़ के लिये अपना सब कुछ क़ुरबान कर दिया । ٭ येह वोह मुबारक हस्तियां हैं जिन्हों ने इब्तिदाए इस्लाम के मुश्किल तरीन ह़ालात में भूक प्यास बरदाश्त कर के, पेट पर पथ्थर बांध कर, क़रीबी रिश्तेदारों की दुश्मनियां मोल ले कर और उन से जंगे लड़ कर भी परचमे इस्लाम को सर बुलन्द रखा । ٭ येह वोह मुबारक हस्तियां हैं जिन की मुसल्सल मेह़नतों और ला ज़वाल (Eternal) क़ुरबानियों का नतीजा है कि आज हम प्यारे रसूल صَلَّی اللّٰہُ عَلَیْہِ واٰلِہٖ وَسَلَّمَ के नाम लेने वाले हैं ।

          सह़ाबए किराम رَضِیَ اللّٰہُ عَنْہُم का मक़ामो मर्तबा इस क़दर बुलन्द है कि ख़ुद अल्लाह पाक ने क़ुरआने पाक की मुख़्तलिफ़ आयात में इन्तिहाई शानदार त़रीके़ से उन की तारीफ़ फ़रमाई है । आइये ! उन पाक हस्तियों की शानो अ़ज़मत के बारे में क़ुरआने पाक की एक आयते मुबारका सुनती हैं ताकि हमारे दिलों में उन की अ़ज़मत व अ़क़ीदत मज़ीद उजागर हो जाए । चुनान्चे, पारह 11, सूरतुत्तौबा की आयत नम्बर 100 में इरशाद होता है :

رَضِیَ اللّٰهُ عَنْهُمْ وَ رَضُوْا عَنْهُ وَ اَعَدَّ لَهُمْ جَنّٰتٍ تَجْرِیْ تَحْتَهَا الْاَنْهٰرُ خٰلِدِیْنَ فِیْهَاۤ اَبَدًاؕ-ذٰلِكَ الْفَوْزُ الْعَظِیْمُ(۱۰۰)(پ۱۱،التوبۃ: ۱۰۰)

तर्जमए कन्ज़ुल इ़रफ़ान : इन सब से अल्लाह राज़ी हुवा और येह अल्लाह से राज़ी हैं और उस ने इन के लिये बाग़ात तय्यार कर रखे हैं जिन के नीचे नहरें बहती हैं, हमेशा हमेशा उन में रहेंगे, येही बड़ी काम्याबी है ।

          سُبْحٰنَ اللّٰہ ! सह़ाबए किराम رَضِیَ اللّٰہُ عَنْہُم की शान किस क़दर बुलन्द है कि अल्लाह पाक ने उन के आमाल क़बूल फ़रमा कर उन्हें अपनी हमेशा की रिज़ा और जन्नती नेमतों की ख़ुश ख़बरी सुनाई है । इस के इ़लावा भी दीगर कई आयात हैं जिन में सह़ाबए किराम رَضِیَ اللّٰہُ عَنْہُم की शान, उन का मक़ाम, दीगर ख़ूबियां और कमालात बयान हुवे हैं । मक्की आक़ा صَلَّی اللّٰہُ عَلَیْہِ واٰلِہٖ وَسَلَّمَ ने भी मुख़्तलिफ़ मवाके़अ़ पर अपने प्यारे सह़ाबए किराम رَضِیَ اللّٰہُ عَنْہُم की अ़ज़मत व शान बयान फ़रमाई और उन के मक़ामो मर्तबे को अ़ज़ीमुश्शान अन्दाज़ में उजागर फ़रमाया है । आइये ! बरकत ह़ासिल करने के लिये सह़ाबए किराम رَضِیَ اللّٰہُ عَنْہُم की अ़ज़मत पर 3 फ़रामीने मुस्त़फ़ा صَلَّی اللّٰہُ عَلَیْہِ واٰلِہٖ وَسَلَّمَ सुनिये । चुनान्चे,